चंद्रमा की ओर मानव उड़ान से पहले अंतरिक्ष यात्री कर रहे हैं गहन काउंटडाउन अभ्यास
NASA Artemis II मिशन: मानवता की चंद्रमा वापसी की तैयारी
NASA का Artemis कार्यक्रम मानव अंतरिक्ष उड़ान के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। Apollo मिशनों के बाद पहली बार इंसानों को चंद्रमा की दिशा में भेजने की ठोस तैयारी अब अंतिम चरण में है। इसी क्रम में Artemis II मिशन को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह मिशन चंद्रमा की कक्षा तक इंसानों को ले जाएगा।
हाल ही में NASA Artemis के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा की गई जानकारी के अनुसार, Artemis II के अंतरिक्ष यात्री सप्ताहांत के दौरान काउंटडाउन टेस्ट और लॉन्च से पहले की सभी प्रक्रियाओं का अभ्यास कर रहे हैं। यह अभ्यास सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन के लिए तैयार करने का हिस्सा है।
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काउंटडाउन टेस्ट क्यों है इतना जरूरी?
किसी भी अंतरिक्ष मिशन में काउंटडाउन सबसे संवेदनशील चरण होता है। इसमें सेकंड-दर-सेकंड सभी सिस्टम की जांच होती है—
रॉकेट के इंजन
ईंधन भरने की प्रक्रिया
संचार प्रणाली
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा
आपातकालीन स्थिति की तैयारी
Artemis II के लिए किया जा रहा यह अभ्यास असली लॉन्च जैसा ही होता है, फर्क सिर्फ इतना है कि इस दौरान रॉकेट वास्तव में उड़ान नहीं भरता।
NASA के अनुसार, ऐसे अभ्यासों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लॉन्च के दिन किसी भी तरह की तकनीकी या मानवीय चूक न हो।
सूट-अप अभ्यास: अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा की पहली दीवार
NASA ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि Artemis II के अंतरिक्ष यात्री सूट-अप अभ्यास कर रहे हैं।
सूट-अप का मतलब है—
स्पेस सूट पहनने की पूरी प्रक्रिया
दबाव, ऑक्सीजन और तापमान की जांच
आपातकालीन स्थिति में सूट का प्रदर्शन
ये स्पेस सूट सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चलती-फिरती जीवन रक्षक प्रणाली होते हैं।
तकनीकी बैठकों का दौर
NASA Artemis के पोस्ट में “a lot of technical meetings” का जिक्र किया गया है।
इन बैठकों में शामिल होते हैं—
मिशन इंजीनियर
फ्लाइट डायरेक्टर
मेडिकल टीम
सुरक्षा विशेषज्ञ
अंतरिक्ष यात्री
इन बैठकों का उद्देश्य है हर छोटे-बड़े जोखिम पर चर्चा करना और समाधान निकालना।
Artemis II मिशन में कौन-कौन होंगे अंतरिक्ष यात्री?
Artemis II मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे, जिनमें NASA और कनाडा स्पेस एजेंसी (CSA) के सदस्य शामिल हैं।
यह मिशन अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी एक मजबूत उदाहरण है।
यह पहली बार होगा जब Orion अंतरिक्ष यान में मानव दल बैठकर चंद्रमा की कक्षा तक जाएगा।
Orion अंतरिक्ष यान: मिशन की रीढ़
Orion यान को खासतौर पर गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।
इसकी विशेषताएँ—
अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम
बेहतर हीट शील्ड
लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने की क्षमता
आपातकालीन वापसी प्रणाली
Artemis I मिशन में Orion ने बिना मानव दल के सफल उड़ान भरकर अपनी क्षमता साबित की थी।
Artemis कार्यक्रम का बड़ा लक्ष्य
Artemis II सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि एक बड़े विजन का हिस्सा है।
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NASA का लक्ष्य है—
चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी
चंद्र सतह पर वैज्ञानिक शोध
चंद्रमा को मंगल मिशन के लिए लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल करना
NASA का मानना है कि चंद्रमा पर सीखा गया अनुभव मंगल ग्रह पर मानव मिशन के लिए बेहद उपयोगी होगा।
मानवता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Artemis II?
Artemis II मिशन—
नई पीढ़ी को विज्ञान और अंतरिक्ष के लिए प्रेरित करेगा
अंतरिक्ष तकनीक में नई खोजों को जन्म देगा
वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा
यह मिशन यह साबित करेगा कि इंसान एक बार फिर गहरे अंतरिक्ष में लंबी यात्राओं के लिए तैयार है।
भारत और दुनिया के लिए इसका महत्व
हालाँकि Artemis II अमेरिकी मिशन है, लेकिन इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर पड़ेगा।
भारत सहित कई देश NASA के साथ भविष्य में Artemis कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।
ISRO और NASA के बीच बढ़ता सहयोग इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
भविष्य की ओर कदम
NASA Artemis II मिशन मानव अंतरिक्ष उड़ान का आत्मविश्वास लौटाने वाला मिशन है।
काउंटडाउन अभ्यास, सूट-अप टेस्ट और तकनीकी बैठकों के जरिए NASA यह सुनिश्चित कर रहा है कि चंद्रमा की यह यात्रा सुरक्षित, सफल और ऐतिहासिक बने।


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