खेतासराय में टप्पेबाज गैंग धर-दबोचा: महिलाओं को निशाना बनाने वाले तीन ठग गिरफ्तार...
खेतासराय में टप्पेबाज गिरोह दबोचा गया — महिलाओं से सुनियोजित तरीके से ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़ जनपद के खेतासराय क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से महिलाओं को निशाना बनाकर की जा रही टप्पेबाजी की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में डर और बेचैनी पैदा कर दी थी। महिलाएँ बाजारों, रास्तों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ठगों के चंगुल में फंस रही थीं। लेकिन इस बार खेतासराय पुलिस की सतर्कता, लगातार निगरानी और तेज कार्रवाई ने ठगों की चालाकी को बेनकाब कर दिया। पुलिस ने न केवल गिरोह को पकड़ा बल्कि उनकी ठगी का पूरा तरीका भी उजागर कर दिया है।
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महिलाओं को निशाना बनाने का खतरनाक तरीका
गिरोह का तरीका बेहद चालाक और मनोवैज्ञानिक दबाव पर आधारित था। जैसे ही किसी महिला को अकेले या कम भीड़ वाली जगह पर देखते, उनमें से एक ठग उसके पास जाता और किसी बड़ी परेशानी का हवाला देते हुए मदद की भीख मांगता।
उसका संवाद कुछ ऐसा होता—
“दीदी, एक बड़ी मुश्किल में हूं… थोड़ी मदद कर दीजिए, वरना घर पर बड़ा संकट आ जाएगा।”
महिला जब दया दिखाती और ध्यान से सुनती तो ठग एक भावुक कहानी सुनाता, जैसे—
“मेरे परिवार में आपत्ति आ गई है, गहना गिरवी रखना है लेकिन दुकान बंद है, आप बस ये गहना थोड़ी देर के लिए उतार दें, बदले में मैं ये पूरी गड्डी दे दूंगा। इसमें नकदी है।”
इस नजदीकी बातों के बाद महिला सहानुभूति में आ जाती और उसे लगता कि सामने वाला सचमुच मुसीबत में है।
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नोटों की गड्डी… लेकिन अंदर केवल कागज और दफ्ती!
महिला के जैसे ही भरोसा जताने के पल आते, ठग तुरंत जेब से एक मोटी गड्डी निकालता जो बाहर से बिल्कुल असली नोटों जैसी लगती।
ऊपर और नीचे दो असली नोट लगाकर बीच में मोटी दफ्ती या कागज भरे होते।
मकसद सिर्फ एक— महिला को यकीन दिलाना कि गड्डी में हजारों-लाखों रुपये हैं।
महिला जैसे ही गहना उतारती…
गिरोह के सदस्य तुरंत उसे दफ्ती वाली गड्डी पकड़ा भाग खड़े होते।
कई महिलाएँ शर्म या डर की वजह से शिकायत नहीं करती थीं। इससे गिरोह के हौसले बुलंद होते जा रहे थे।
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आज़मगढ़ में कई महिलाओं के साथ हुई वारदात — पर किसी ने रिपोर्ट नहीं कराई
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह पिछले कई दिनों से सक्रिय था।
सबसे बड़ी समस्या यह थी कि—
कई महिलाओं ने शर्म की वजह से शिकायत नहीं की
कुछ को लगा पुलिस शायद मदद न कर पाए
कईयों ने यह सोचकर मामला दबा दिया कि गहना अपना था, गलती भी अपनी थी
लेकिन गिरोह लगातार वारदात कर रहा था और धीरे-धीरे इसकी जानकारी सोशल मीडिया तक भी पहुंचने लगी थी।
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इस बार पुलिस ने नहीं चलने दी गिरोह की चालाकी
खेतासराय पुलिस की सक्रिय टीम ने:
✔ सीसीटीवी फुटेज खंगालें
✔ मुखबिरों को सक्रिय किया
✔ रेलवे स्टेशन क्षेत्र और भीड़भाड़ वाली जगहों पर गश्त बढ़ाई
कई फुटेज में तीन संदिग्ध बार-बार अलग-अलग महिलाओं से बात करते दिखे।
मुखबिर की सूचना सेल मिलने के बाद पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के पीछे आइडियल स्कूल के पास घेराबंदी कर तीनों ठगों को दबोच लिया। कार्रवाई इतनी तेज थी कि फरार होने का मौका तक नहीं मिला।
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गिरफ्तार आरोपी
1. विमल कुमार यादव — फदुइहा, फूलपुर, आजमगढ़
2. अशोक कुमार — सिंगारपुर, दीदारगंज, आजमगढ़
3. मनोज कुमार — सिंगारपुर, दीदारगंज, आजमगढ़
पुलिस का कहना है कि तीनों लंबे समय से इस तरह के काम में लिप्त थे।
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बरामदगी: नकली गड्डियाँ, दफ्ती, और ₹5,000 नकद
पुलिस को आरोपियों के पास से मिला:
नोटों की जगह कागज और दफ्ती से बनी नकली गड्डियाँ
महिलाओं से ठगी कर प्राप्त लगभग ₹5,000 नकद
गहना उतरवाने के लिए इस्तेमाल होने वाले थैलों और कपड़ों के टुकड़े
एक बाइक, जिससे वे लगातार इलाके बदलकर वारदात करते थे
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लंबा क्राइम रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में पता चला कि तीनों आरोपी पहले भी:
वारदातें कर चुके हैं
अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज हैं
महिलाओं को ही आसान निशाना मानकर काम करते थे
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पुलिस की सलाह — सतर्क रहें और तुरंत शिकायत करें
पुलिस ने महिलाओं और आम नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है—
सावधान रहें!
कोई भी अजनबी यदि गहना उतरवाने की बात करे तो तुरंत समझ जाएँ— खेल शुरू हो चुका है।
किसी की मजबूरी की कहानी पर बिना जांच-परख भरोसा न करें।
ऐसे मामलों में तुरंत 100 डायल या स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचना दें।
महिलाओं से अपील— शर्म या डर की वजह से शिकायत दबाएँ नहीं।
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महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा संदेश
आजकल ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ठगों के समूह भावनाओं व डर का फायदा उठाकर चोरी या टप्पेबाजी करते हैं।
ऐसे में महिलाओं को चाहिए:
अकेले सुनसान जगहों में रुकने से बचें
जेवर खुले में न पहनें
किसी अजनबी की बातों पर भरोसा न करें
मदद की गुहार सुनकर भी सावधानी बरतें
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत फोटो या वीडियो बना लें (यदि सुरक्षित महसूस हो)
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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
गिरोह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बाजारों और गलियों में राहत की लहर दौड़ गई।
लोगों ने पुलिस की प्रशंसा की और कहा कि—
“अगर पुलिस समय से कार्रवाई न करती तो गिरोह कई और महिलाओं को निशाना बनाता।”
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निष्कर्ष
खेतासराय पुलिस की तत्परता और तेज एक्शन ने न केवल एक खतरनाक गिरोह को पकड़ा बल्कि उस विश्वास को भी मजबूत किया है कि समय पर दी गई शिकायत और पुलिस की सक्रियता किसी भी अपराध को रोक सकती है।
यह मामला इस बात की सीख भी देता है कि—
भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें।
हर अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
खेतासराय में पकड़े गए इन टप्पेबाजों की गिरफ्तारी से पुलिस ने साबित किया कि अपराध चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, न्याय से भाग नहीं सकता।

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